उन्होंने गुरुवार को अपने एक ट्वीट में कहा है कि सऊदी क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान की एक आधुनिक मानसिकता वाले सुधारवादी के रूप में प्रशंसा एसी दशा में की जा रही है कि जब जेल में डालने, यातना देने और हत्या करने में उनके रिकार्ड से कुछ और ही पता चलता है।
याद रहे सऊदी अरब में बिन सलमान के सत्ता में पहुचंने के बाद मानवाधिकारों के हनन में तेज़ी पैदा हुई है।
जेल में डलना, यातना देना और विरोधियों की हत्या, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान द्वारा किये मानवाधिकारों के उल्लंघन के कुछ नमूने मात्र हैं।
ह्यमन राइट्स वॅाच ने सन 2018 में सऊदी अरब पर आरोप लगाया था कि इस देश में हज़ारों लोगों को बिना मुक़द्दमे के जेलों में रखा गया।
रिपोर्ट के अनुसार बहुत से क़ैदियों को बिना किसी मुक़द्दमे के दस दस बरसों तक जेल में रखा जाता है।